संदीप भंसाली - डिजिटल आज़ादी

Inbound Marketing vs Outbound Marketing In Hindi – कौन सी Strategy आपके लिए सही है?

Inbound Marketing vs Outbound Marketing In Hindi - कौन सी Strategy आपके लिए सही है

क्या आप भी उन लोगों में से हैं जो “Pull” & “Push” में Confuse हो जाते हैं?

आप सोच रहे होंगे कि Topic तो Inbound Vs Outbound Marketing है लेकिन ये Pull & Push की बात क्यों हो रही है?

वैसे, आपकी जानकारी के लिए बता दें कि Marketing जगत में Pull & Push Marketing का अपना अलग ही महत्व है। 

आज लगभग हर छोटी से बड़ी कंपनियां इन दोनों Strategies का ही इस्तेमाल कर रही हैं और अपना Revenue बढ़ा रही हैं। 

लेकिन आखिर ये Pull & Push Marketing क्या है और कंपनियां क्यों इनका Use कर रही हैं?

Push & Pull Marketing को आउटबाउंड और इनबाउंड मार्केटिंग भी बोला जाता है।

Outbound Marketing वो Marketing Strategy होती है जिसके ज़रिये Businesses अपने Potential Customers तक खुद पहुँचते हैं, वहीं Inbound Marketing का उपयोग Potential Customers को अपने बिज़नेस पर Attract करने के लिए किया जाता है। 

लेकिन, अक्सर लोगों को इन दोनों Strategies में काफी Confusion रहती है और समझ नहीं आता कि अपने बिज़नेस में उन्हें कौन-सी Strategy का उपयोग करना चाहिए। 

तो आइये इन्हें Study करते हैं और समझते हैं Inbound Marketing Vs Outbound Marketing In Hindi.

Inbound Marketing को जानने के लिए पढ़िए – Inbound Marketing क्या होती है और आपके बिज़नेस के लिए क्यों ज़रूरी है?

आउटबाउंड मार्केटिंग को जानने के लिए पढ़िए – Outbound Marketing क्या होती है और कितनी Effective है? 

Table of Contents

Inbound Marketing Kya Hai - What Is Inbound Marketing In Hindi

Inbound Marketing Kya Hai - What Is Inbound Marketing In Hindi

Businesses अक्सर एक Unaware Person को Aware करके अपना कस्टमर बनाने के लिए दो तरीकों का इस्तेमाल करते हैं। 

पहला – वो अपने Potential Customers को Identify करके उनके Interest का Content Create करते हैं, Blogs लिखते हैं, Social Media पर Active रहते हैं, Guides लिखते हैं और उन्हें अपने बिज़नेस पर लाने या Attract करने का प्रयास करते हैं। 

दूसरा – वो लोगों को Ads दिखाते हैं, Cold Email या Cold Call का Use करते हैं और उनके साथ बात करके अपने प्रोडक्ट्स या सर्विसेज Pitch करने का प्रयास करते हैं। 

पहला तरीका, जिसके ज़रिये लोगों को अपनी वेबसाइट या बिज़नेस पर आकर्षित किया जाता है, इनबाउंड मार्केटिंग कहलाता है। 

आज लोग किसी भी तरह की Information के लिए Google पर सर्च करते हैं या Social Media पर Scroll करते हैं, ऐसे में जब उन्हें आपका कंटेंट दिखता है जो उनकी Needs को टारगेट कर रहा होता है तो वो आपके साथ Interact करते हैं। 

लेकिन, यहां सवाल आता है कि क्या लोगों को अपने कंटेंट से आकर्षित करने मात्र से काम चल जाता है?

नहीं, इससे काम नहीं चलता। 

उन्हें एक अजनबी व्यक्ति से कस्टमर में तब्दील करने के लिए,

  • अपनी वेबसाइट पर लाकर उन्हें अपने प्रोडक्ट्स या सर्विसेज़ से Introduce कराया जाता है
  • Testimonials, Competitive Pricing, Reviews इत्यादि के ज़रिये उनका विश्वास जीता जाता है
  • लगातार उनके सवालों का जवाब दिया जाता है 
  • और उन्हें Value Provide करते हुए कस्टमर में कन्वर्ट किया जाता है।


इस पूरे प्रोसेस को ही इनबाउंड मार्केटिंग कहते हैं। 

Inbound Marketing में कभी भी संभावित ग्राहकों पर किसी तरह का दबाव नहीं ड़ाला जाता और न ही उन्हें ज़बरदस्ती Ads दिखाए जाते। 

यहां उन्हें ऐसा महसूस नहीं कराया जाता कि उन्हें ज़बरदस्ती  कुछ बेचा जा रहा है। 

इसलिए, Inbound Marketing से High Quality Leads Generate होते हैं जो आपके बिज़नेस के साथ जुड़ने में Interested होते हैं। 

Marketing का Evolution कैसे हुआ जानिए इस ब्लॉग में। 

लेकिन, Outbound Marketing इसके बिलकुल विपरीत होता है। 

तो आइये Inbound Marketing In Hindi समझने के बाद अब समय है Outbound Marketing Meaning समझने का। 

आउटबाउंड मार्केटिंग समझने के बाद ही हमें बेहतर समझ में आएगा कि इनबाउंड मार्केटिंग और आउटबाउंड मार्केटिंग में क्या अंतर है। 

Outbound Marketing Kya Hai - What Is Outbound Marketing In Hindi

Outbound Marketing Kya Hai - What Is Outbound Marketing In Hindi

Outbound Marketing में Potential Customer को Attract करने की बजाय एक Large Audience तक पहुंचा जाता है और उम्मीद की जाती है कि इन लोगों में से कोई न कोई तो Business में Interest Show करेगा। 

साधारण शब्दों में कहें तो आउटबाउंड मार्केटिंग के ज़रिये हर एक व्यक्ति को टारगेट किया जाता है – अब चाहे वो आपके बिज़नेस में Interested हो या न हो। 

For E.g. TV Program के बीच दिखाया जाने वाला Rummy Circle, Dream 11 Ad जिसमे आप में से कई लोगों का बिलकुल भी Interest नहीं होता। 

इसमें इस्तेमाल किये जाने वाले Advertising Methods में शामिल है :

  • TV, Newspaper, Radio Ads
  • Billboards
  • Events & Trade Shows
  • Cold Email 
  • SMS
  • Display Ads इत्यादि

इसे अक्सर Push Or Interruption Marketing भी कह दिया जाता है क्योंकि यहां Consumer को कई बार ऐसे Products का Ad दिखाया जाता है जिनकी उसे ज़रूरत भी नहीं होती। 

आज हालांकि Inbound या Pull Marketing पर Small & Big Organizations खूब पैसा Invest करते हैं लेकिन, Outbound Marketing आज भी कई Companies की पसंदीदा Strategy है। 

एक स्टडी के मुताबिक बड़े B2C Businesses अपने मार्केटिंग बजट का लगभग 90% पैसा Outbound Marketing में खर्च करते हैं। 

आज Companies, Display Ads (आउटबाउंड मार्केटिंग का एक टाइप) के ज़रिये अपने Message को Push करने के लिए काफी पैसा खर्च कर रही हैं। 

एक अनुमान के मुताबिक, वर्ष 2024 तक Display Ad Spend $45 Billion का हो जाएगा। 

Outbound Marketing में शामिल Social Media Ads & Display Ads को छोड़ दिया जाए तो इसके ज़रिये कस्टमर को Acquire करना काफी महंगा पड़ता है और ROI भी उतना नहीं मिल पाता। 

आशा करते हैं आपको समझ आया होगा कि Outbound Marketing Kya Hai और कैसे की जाती है। 

चलिए अब अपने Main Topic – Inbound Marketing vs Outbound Marketing In Hindi का रुख करते हैं और समझते हैं What Is The Difference Between Inbound & Outbound Marketing.

Difference Between Inbound & Outbound Marketing In Hindi

Inbound & Outbound Marketing को Separately समझने के बाद इनके बीच के Common Differences को भी जानना ज़रूरी है। 

तो आइये Table के ज़रिये समझते हैं कि इनबाउंड मार्केटिंग और आउटबाउंड मार्केटिंग में क्या अंतर है।

Inbound Marketing Outbound Marketing
इसमें Content, SEO, Social Media, इत्यादि के ज़रिये Potential Buyer को Pull या Attract किया जाता है।
इसमें Cold Emails, TV Ads, Radio Ads, Social Media Ads के ज़रिये लोगों के सामने अपने प्रोडक्ट्स या सर्विसेज़ को Push किया जाता है।
यहां एक Set of Audience के Interest, Passion, Pain Points, Needs को ध्यान में रखकर Advertising की जाती है या Content Create किया जाता है।
यहां Social Media & Paid Ads को छोड़कर सभी Techniques में लगभग हर किसी व्यक्ति को (General Audience) टारगेट किया जाता है।
यह Permissive Strategy पर काम करती है जिसके तहत User सर्च करते हुए यदि एक बार भी आपके कंटेंट को देख लेता है तो सर्च इंजन को Similar Type Of Content दिखाने की Permission मिल जाती है और फिर User को आपका या आपके जैसा ही कंटेंट दिखाया जाता है।
यह Interruptive Strategy पर काम करती है अर्थात TV पर Program देख रहे व्यक्ति को कुछ ऐसे Ads दिखाए जाते हैं जिनमे वो बिलकुल भी Interested नहीं होता, लेकिन Uninterested Ads देखने से Interrupt ज़रूर हो जाता है।
इनबाउंड मार्केटिंग में Two Way Communication होता है।
आउटबाउंड मार्केटिंग में One Way Communication होता है।
यहाँ Target Customer को Attract करने के लिए कम पैसा खर्च करना पड़ता है।
यहां Target Customer तक पहुँचने के लिए काफी पैसा खर्च करना पड़ता है।
Inbound Marketing Strategies के उदाहरण हैं - Blogs, E-books, Whitepapers, Videos, Reels, SEO, Google Ads, Opt-in Emails, Etc.
Outbound Marketing Strategies के उदाहरण हैं - TV/Radio/Newspaper/Magazine Ads, Hoardings, YouTube Ads, Instagram Ads, Cold Calling, Etc.
Inbound Marketing Strategies & Customer Engagement को Track & Measure करना आसान है जो ROI को बढ़ाने के लिए ज़िम्मेदार है।
TV Ads, Newspaper Ads, Billboards जैसी Outbound Marketing Strategies को Track & Measure करना थोड़ा मुश्किल है और इससे ROI भी कुछ खास नहीं मिलता।
इनबाउंड मार्केटिंग में Results आने में अक्सर काफी समय लगता है।
इसे Implement करने से जल्दी Result मिलता है।

Tabular Form से चीज़ों को समझना कितना आसान है न?

अब आपको भी Difference Between Inbound & Outbound Marketing (इनबाउंड मार्केटिंग एयर आउटबाउंड मार्केटिंग में क्या अंतर है) समझ आ गया होगा। 

अब सवाल है कि आखिर Inbound Vs Outbound Marketing में से कौन सी Strategy आपके बिज़नेस के लिए सही है?

तो आइये कुछ Facts के ज़रिये समझ लेते हैं कि आप कौन-सी Strategy को कब Implement कर सकते हैं। 

Digital Marketing कैसे करते हैं जानिए Step By Step इस ब्लॉग में। 

Inbound Marketing Vs Outbound Marketing In Hindi में कौन-सी Strategy ज़्यादा Effective है?

Inbound Marketing Vs Outbound Marketing In Hindi में कौन-सी Strategy ज़्यादा Effective है

Inbound Marketing vs Outbound Marketing In Hindi में से सही Strategy का चयन आपके Business Goals पर निर्भर करता है। 

लेकिन, आइये कुछ Facts & Figures के ज़रिये समझा जाए कौन सी Strategy कब Effective होती है।  

  • Inbound Marketing आज के ज़माने की Marketing Strategy है जिसने इंटरनेट के आने के बाद काफी Popularity Gain कर ली है।
    वहीं, आउटबाउंड मार्केटिंग एक Old Marketing Strategy जिसे आज भी कई Businesses Implement कर रहे हैं।

  • Brands आज Omnichannel Marketing को Prefer करते हैं जिसका मतलब है कि वो हर जगह दिखना चाहते हैं, चाहे वो Roadside Shop हो, Mall हो, Website हो या कोई Ecommerce Platform.

  • Omnichannel Marketing को सफल बनाने में Outbound Marketing का बहुत बड़ा योगदान रहता है जो Brand की Awareness Create करने के लिए ज़रूरी है।
    वहीं Inbound Marketing Implement करने के अलग-अलग Goals हो सकते हैं – Lead Generation, Brand Awareness, Customer Conversion, And More.

  • इनबाउंड मार्केटिंग की एक सबसे बड़ी ख़ूबसूरती है कि इसमें आप अपने Audience का Behavior पता कर सकते हैं और फिर उन्हें Study करके अपनी Targeting & Campaign को और ज़्यादा Precise बना सकते हैं।
    ऐसा आउटबाउंड मार्केटिंग में मुमकिन नहीं है। यहां General Public को टारगेट किया जाता है और उम्मीद की जाती है कि शायद उनमे से कुछ लोगों को आपके Advertised Product Or Service में इंटरेस्ट आ जाए।

  • अगर आपको 4.7 Billion Social Media Users में से अपने Niche से Related Social Media Users तक पहुंचना है तो Inbound Marketing से बेहतर शायद ही कोई Marketing Strategy होगी जो आपको Excellent Result लाकर देगी।

  • इनबाउंड मार्केटिंग की मदद से Highly Qualified Leads Generate करना आसान होता है जबकि आउटबाउंड मार्केटिंग से आप Older Customer Segment को टारगेट कर सकते हैं जिन्हें TV देखना, Radio सुनना और Newspaper पढ़ना पसंद होता है।
     
  • यदि आपका बजट कम है और अच्छे Result के लिए इंतज़ार कर सकते हैं तो आपको Inbound Marketing का रुख करना चाहिए अन्यथा Outbound Marketing में आपको Budget के साथ-साथ Efforts भी लगाने पड़ेंगे, लेकिन उसका Return Quick & Fast मिलेगा।

     

इस प्रकार इन सभी बातों का ध्यान रहने से आपके पास जानकारी रहेगी कि कौन-सी Strategy आपके लिए बेहतर है। 

इनके अलावा आप अन्य Factors (For E.g. आपके Business Goals, Products & Services Type, Customer Demographics, आपका Budget, Time Limitation, Etc.) को भी Consider करना न भूलें। 

Also Read : Lead Generation क्या है और इससे अपना बिज़नेस 10 गुना तक कैसे बढ़ाएं?

Conclusion - Inbound Marketing vs Outbound Marketing In Hindi

मार्केटिंग की दुनिया में अलग-अलग प्रकार की Marketing Strategies को Use किया जाता है। 

कोई सिर्फ Traditional Media Marketing करता है, कोई Digital Marketing पर फोकस करता है और कोई Inbound & Outbound Marketing Strategies को Implement करता है। 

वैसे तो सभी Marketing Strategies में कुछ न कुछ Common है लेकिन, अक्सर ऐसा देखा गया है कि Inbound Marketing & Outbound Marketing को एक साथ Implement करने से बेहतर Result मिलते हैं। 

दोनों ही Strategies के अलग-अलग Pros & Cons हैं और दोनों एक दूसरे से अलग भी है। 

आज के Blog –  Inbound Marketing Vs Outbound Marketing In Hindi के ज़रिये हमने दोनों Strategies को Separately समझने का प्रयास किया और देखा कि Difference Between Inbound & Outbound Marketing क्या होता है। 

अगर आपने ध्यान से ब्लॉग पढ़ा है तो एक चीज़ ज़रूर Notice की होगी कि दोनों ही Strategy में Digital Marketing का उपयोग होता है। 

ये ज़रूरी भी है क्योंकि आज के समय New Generation के लोग TV या Radio देखने से पहले अपना Mobile देखना ज़्यादा पसंद करते हैं। 

इसलिए, आज यह बहुत ज़रूरी हो जाता है कि Digital Marketing को एक Technical Skill न मानकर Life Skill माना जाए। 

आज हर किसी को यह स्किल सीखनी चाहिए और खुद को और अपने बिज़नेस को Grow करना चाहिए। 

आज आप इस स्किल को Live अपने घर बैठे दिन में 1-2 घंटे देकर आसानी से सीख सकते हैं।

लेकिन, सवाल है कि Live सिखाएगा कौन?

मैं यानि संदीप भंसाली आपको Live सिखाऊंगा और बताऊंगा कि कैसे इस Life Skill को सीखकर आज मेरे कई Students अपनी-अपनी Life में तरक्की कर रहे हैं। 

मेरे साथ जुड़ने के लिए आपको मैं अपनी एक Exclusive Digital Marketing Masterclass के लिए आमंत्रित करता हूँ। 

इस Masterclass के लिए रजिस्टर कीजिए और समझिए कि कैसे ये स्किल आपके जीवन को बदल कर रख सकती है।   

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