Evolution Of Marketing In Hindi - Marketing 1800s से लेकर 2022 तक

Evolution Of Marketing In Hindi – Marketing 1800s से लेकर 2022 तक

“Amul Doodh Peeta Hai India”

इसे पढ़ते ही आपके मन में भी वह Classic Tv Ad और वह नाचती हुई लड़की का चेहरा सामने आ गया होगा जो कहती है “Utterly Butterly Delicious”

कैसे इतने वर्षों से एक ही Company ने Market में अपनी एक अलग जगह और पहचान बना ली है, यह अपने आप में आदरणीय है। 

एक Company जिसने अपने काम और उद्देश्य से लोगों का भरोसा जीता है और बनाए रखा है। मार्केट में इतनी Dairy Companies आयी और गयी, लेकिन भरोसा अब भी Amul पर ही कायम है। 

यह सब Company के Marketing Strategies की वजह से ही संभव हुआ है। 

Amul की Marketing Strategies दुनिया के लिए सबसे बेहतरीन उदाहरण है जिनके ज़रिए उन्होंने अपनी Company के Goals हासिल करके नयी ऊंचाइयां प्राप्त की हैं। 

Logo से लेकर Branding और Advertising तक Amul ने सभी यंत्र सही मायनों में इस्तेमाल किये हैं अपनी कंपनी के मार्केटिंग के लिए। 

मार्केटिंग में बदलाव चाहे कितने ही आये अमूल ने बदलते वक़्त के साथ अपनी रणनीतियां भी बदली हैं। 

2020 में Covid-19 के चलते Amul ने नया तरीका अपनाया लोगों के दिल में बसने का। 

Amul Girl रोज़ एक नए चित्र में आने लगी जिसमे Butter की Graphical Ad के ज़रिए देश विदेश के सभी Current Affairs को मज़ेदार तरीके से प्रस्तुत किया गया। 

यह चित्र रोज़ अख़बार के साथ Social Media पर भी Digitally आने लगे।

इससे ये पता चलता है कि चाहे आप एक Multinational Company हैं या फिर एक छोटे व्यवसाई, बदलते दौर के साथ बदलना अनिवार्य है। 

Covid-19 के दौरान जब सब Digitize हो गया, खुदको Sustain करने के लिए Offline से Online Shift होना ज़रूरी हो गया। 

जिन्होंने भी Current Trends के साथ खुदको Evolve किया, बदला, बस वही लोग इस मुश्किल दौर से उभर कर आगे बढ़ पाए। 

Amul ने भी Current Digital Trends के चलते इस तरीके से अपनी मार्केटिंग की रणनीतियां को Relatable बनाकर अपना Digital Presence बढ़ाना शुरू कर दिया। 

इससे हमें ये समझ आता है मार्केटिंग एक मिश्रण है पुराने और नए तरीकों और तरकीबों की जो बदलते वक़्त के साथ Evolve होते आए हैं। 

Marketing की दुनिया में इसे Evolution Of Marketing कहते हैं। 

आज का ये Blog Evolution Of Marketing पर ही है।
आज के इस ब्लॉग में हम Marketing के इतिहास को Decode करेंगे और जानेंगे पिछले कुछ वर्षों से कैसे Marketing में बदलाव आए हैं। 

Evolution Of Marketing के बारे में जानने से पहले हमें यह जानना ज़रूरी है की Marketing क्या है। 

Table of Contents

Marketing क्या है ?

Marketing क्या है

अगर Actual Definition की बात करें, तो,
According To Dr. Philip Kotler(Father Of Modern Marketing),
Marketing Is “The Science And Art Of Exploring, Creating, And Delivering Value To Satisfy The Needs Of A Target Market At A Profit.”

मार्केटिंग एक ज़रिया है जिससे हम अपने किसी भी Product या Service को नए और Innovative तरीके से लोगों तक पहुचाते हैं ताकि वे उसके बारे में जान सके और खरीद पाएं। 

मार्केटिंग हर बिज़नेस के लिए एक मोहरा है जिससे वे अपने Products बेचकर अपने Business को Profitable बना सकते हैं। 

अब Business करना और उसे बनाए रखना केवल Selling तक ही सीमित नहीं रहा है। आज एक Business की Market में पकड़ बनाए रखने के लिए Marketing भी उतनी ही ज़रूरी है जितना की कोई Product. 

किसी भी Company में अगर Marketing Team सही न हो या वे सही रणनीतियाँ नहीं बना पाते तो उनके लिए Industry में रहना और Sales पर Profits बनाना बड़ा ही मुश्किल हो जाता है। 

मार्केटिंग की बात की जाए तो ये Concept नया नहीं है।

यह Concept उतना ही पुराना है जितना कि सामान बेचना और खरीदना।

बस पहले यह बड़े ही सरल तरीके से किया जाता था और अब इसमें हर रोज़ नयी Techniques, Strategies और Models इस्तेमाल किए जाते हैं।

यह एक ऐसा Subject है जो हर College में सिखाया जाता है। इसके बिना Business Courses मानो अधूरे हैं। 

Marketing के साथ आता है Sales और Advertising.  

कई लोग इनमे Confuse हो जाते हैं और Sales & Advertising को ही मार्केटिंग समझ बैठे हैं।
यह मार्केटिंग का एक अहम हिस्सा है लेकिन Marketing सिर्फ Sales या फिर सिर्फ Advertising नहीं है। 

Social Media Apps पर Social Media Influencers जो Post करते हैं या Brands के साथ Partnerships करते हैं यह एक तरीके का Marketing है जिसे हम Influencer Marketing कहते हैं। यह मार्केटिंग का एक बहोत Simple उदाहरण है। 

Influencer Marketing के बारे में विस्तार से जानने के लिए इस ब्लॉग को अंत तक पढ़ें।

इसी तरह कुछ सालों पहले तक Salesmen घर घर आया करते थे अपने Products बेचने के लिए। यह भी मार्केटिंग का ही एक तरीका है जो तब अपनाया गया था। (Early 2000s)

घर-घर जाकर Products बेचने से लेकर Social Media पर Influencers के ज़रिए अपने Products का Promotion करवाना, इसमें मार्केटिंग की बहोत बड़ी Journey Cover हुई है। 

खुद जाकर बेचने से अब एक Click से बेचने और खरीदने में हम इतना ज़्यादा Evolve हुए हैं कि अब लगता है बस मन में किसी Product का Thought जैसे ही आए, वो Product बस Physically हमारे हाथ में मिल जाये। 

इसी Journey या Concept को हम Evolution Of Marketing कहते हैं।  

Evolution Of Marketing - मार्केटिंग तब और अब

Marketing की शुरुआत 18th और 19th Century में आए हुए Industrial Revolution से हुई है। 

इस दौरान मार्केटिंग में आए हुए बदलाव कुछ ऐसे हैं मानो Marketing की पूरी दुनिया ही बदल गई है। 

इन्हें Orientation/ Phases/ Eras भी कहा जाता है। आइए इन बदलावों को एक एक करके विस्तार से समझते हैं:

Product/Production Marketing Era :

Evolution Of Marketing - ProductProduction Marketing Era

Evolution Of Marketing का यह पहला Phase है। 

यह Era 1800s -1920 तक चली। 

इस Era की शुरुआत Industrial Revolution के दौरान हुई थी जब दुनिया में Machines का बनना शुरू हुआ। 

यही Machines सामान बनाने के लिए इस्तेमाल की जाती थीं। 

इस Era की मुख्य Philosophy थी की Machines से जो भी बन सकता है वह बेचा जा सकता है और हर वह चीज़ जो सबसे बढ़िया Quality की बनती है लोग सिर्फ उसी को खरीदेंगे। 

इस दौरान Main Concept था की एक Best Quality Product को किसी भी तरह के Promotion की ज़रूरत नहीं पड़ती। 

Machines की वजह से इन Products का Cost आधे से भी कम था। कम Price के कारण लोग ख़ुशी ख़ुशी इन्हें खरीदते थे। लेकिन इस Philosophy की एक कमी यह थी की इसमें Customer क्या चाहता है इस बात को नज़र अंदाज़ किया जाता था और सिर्फ Quality पर ही ध्यान दिया जाता था। 

Selling/Sales Marketing Era :

Evolution Of Marketing - Selling Sales Marketing Era

Evolution Of Marketing का यह दूसरा Phase है। 

यह Era 1920 – 1940 तक चली। 

इस समय Economic Crisis के चलते ध्यान Quality Manufacturing से हटकर Sales और Promotion पर चला गया था। 

अपना बनाया हुआ सामान Customer को कैसे बेचा जाए यह सबसे महत्वपूर्ण विषय हो गया था ताकि Market में बिक्री और Profit सबसे ज़्यादा हो। 

इस दौरान Advertising पर सबसे ज़्यादा ज़ोर दिया जाता था।

Radio और Tv पर Ads लगाना, Newspapers में Print करवाना और घर घर जाकर अपना सामान बेचना, ऐसी कई तरकीबों का उपयोग किया गया था। 

लोगों को बड़े High Pressure Tactics इस्तेमाल करके प्रभावित किया जाता था। 

इस Phase में मार्केटिंग की शुरुआत Product बनने के बाद होती थी और इसी कारण अभी भी लोग मार्केटिंग को बेचना यानि Selling समझते हैं और उसी पर ध्यान देते हैं। 

Customer And Social Marketing Era :

Evolution Of Marketing - Customer And Social Marketing Era

Evolution Of Marketing का यह तीसरा Phase है। 

यह Era 1940 – 1960 और 1960 – 1990 तक चली। 

इन सालों में ध्यान Production और Selling से निकलकर आख़िरकार Customer पर आया था। 

Customers की ज़रूरतों और मांगों को ध्यान में रखते हुए Products बनाए जाने लगे। 

बेचने से ज़्यादा  Customer की ख़ुशी और उसे ज़्यादा से ज़्यादा  समय तक बनाये रखना ज़रूरी बन गया था (Customer Retention)। 

इस Phase में ग्राहक ज़्यादा समझदार और जागरूक हो गया था और अपनी ज़रूरतों के अनुसार ही Products खरीदने लगा था। 

ग्राहक को Product Value और Satisfaction देना सबसे महत्त्वपूर्ण हो गया था ताकि वह लंबे समय तक इनका ग्राहक बना रहे। 

“The Customer Is King!” यह उस समय का सबसे बड़ा मंत्र बन गया था।  

इस Phase में वातावरण और ग्राहक के Welfare को भी ध्यान देना ज़रूरी हो गया था। 

हर Business अपनी Social Responsibilities पर ध्यान देने लगा था और उन्हें पूरा करने लगा था। 

Relationship Marketing Era:

Evolution Of Marketing - Relationship Marketing Era

Evolution Of Marketing का यह चौथा Phase है। 

यह Era 1990 – 2010 चली। 

यहाँ से मार्केटिंग का सबसे Modern Phase शुरू हुआ। 

यह वह समय था जब Internet और Technology की शुरुआत हुयी और सही मायनों में Marketing Evolution हुआ। 

इस Phase में मार्केटिंग Online और Offline दोनों जगह किया जाने लगा था। 

Internet के माध्यम से Companies ने Online Selling शुरू कर दी और यहाँ से इंटरनेट मार्केटिंग के बारे में लोग जानने लगे। 

ऐसा कह सकते हैं कि यहीं से डिजिटल मार्केटिंग की शुरुआत हुई। 

पुरानी Marketing Strategies से बेचना और ग्राहक को बनाये रखना मुश्किल हो गया और उस वजह से Companies को Leads या Prospects कम मिलने लगे थे। 

एक ग्राहक को कई सारे माध्यम मिल गए थे Customized और Personalized Shopping के। 

इस बदलते दौर और Internet के बीच, एक Customer के पास ऐसे Options आ गए कि उन्हें जिस भी Product या फिर Company में Interest है, बस वे उन्हीं को Follow करें और बाकी Ads को नज़रअंदाज़ करें। 

इसी वजह से ग्राहक के साथ Relationship बनाये रखना ज़रूरी हो गया ताकि उन्हें हर चीज़ की Value मिल सके। 

Relationship और Digital Marketing मानो यहाँ से हाथ मिलाये हुए आगे बढ़े और सफलता पाने लगे। इसे हम Offline + Online Marketing भी कह सकते हैं।

Holistic Marketing Era :

Evolution Of Marketing - Holistic Marketing Era

Evolution Of Marketing का यह पांचवा Phase है। 

2010 – अब तक जो चल रहा है यह Holistic Marketing Phase है। 

Holistic मार्केटिंग एक ऐसा Phase है जिसमे ध्यान और Focus केवल मार्केटिंग पर नहीं रहा। 

इसमें Business के सारे Departments और न की सिर्फ मार्केटिंग Department एक होके काम करते हैं अपना Product बेचने के लिए। 

इसमें सारे Departments या यूँ कहें सारे पेहलु एक जुट होकर Sync में काम करते हैं एक Product को End Customer तक पहुंचाने के लिए। 

यहाँ Business, Product, Marketing और Customer का एक Homogeneous Ecosystem तैयार हुआ जहां इस Evolution को एक साथ एक Sync में देखा जा सकता है। 

हमने अलग अलग Marketing Phases पर बात की और Evolution Of Marketing को समझा। 

अब बारी आती है इस वक़्त चल रहे Marketing Phase की।
Holistic Marketing की।

Holistic Marketing - The Current Phase Of Marketing & Its Impact

हमने ऊपर Holistic Marketing पर बात की। 

अब इसे विस्तार से समझते हैं। 

इस वक़्त को Marketing Evolution का Phase चल रहा है उसे Holistic Marketing कहते हैं। 

इसमें यह कोशिश हो रही है कि एक Business के सारे Verticals मिलकर Product की Marketing और Sale के तरफ काम करें। 

इसमें एक 360 Degree Approach का इस्तेमाल किया जाता है जिसमे Company का हर एक व्यक्ति अपने सुझावों और विचारों को प्रस्तुत कर सकता है। 

यहाँ सभी का End Goal या यूँ कहें मकसद एक है – Sales & Profit और Brand Image बनाये रखना ताकि Customer केवल आपको ही याद करके आप के पास आये। 

Holistic Marketing के सबसे महत्वपूर्ण 4 तत्व है :

Holistic Marketing - The Current Phase Of Marketing & Its Impact
  1. Relationship Marketing – यहाँ Focus होता है रिश्ते पर। हर एक व्यक्ति या पक्ष जो Company की सफलता बढ़ाने में जुड़ सकता है उससे एक मजबूत रिश्ता बनाये रखना चाहिए। 

Relationship Marketing कि विशेषता ये है की इससे “Marketing Network” बढ़ता है जो Market में Company की जगह बनाये रखने में मदद करता है। 

2. Integrated Marketing – इसमें Tools Of Communication और Marketing के 4 Ps (Price, Place, Product, Promotion) पर Focus होता है। 

इससे यह कोशिश होती है की ग्राहक तक Product की हर एक जानकारी आसानी से पहुंच सके और उन्हें Product खरीदने में किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो। 

3. Internal Marketing – यहाँ Focus इस बात पर होता है कि Company के सभी कर्मचारियों को अच्छे से Train और Motivate किया जाए ताकि वह ग्राहक को बढ़िया Support प्रदान कर सकें। 

कर्मचारियों को Product की साड़ी  जानकारी अच्छे से दी जाती है और Motivate भी किया जाता है Incentives के ज़रिए ताकि वे ख़ुशी से काम करें और उनका मन भी काम में लगा रहे। 

4. Performance Marketing – यहाँ Focus इस बात पर होता है कि  Company जो भी Marketing Activity कर रही है उससे समाज पर क्या असर हो रहा है और कितना Profit मिल रहा है। 

Company न केवल ग्राहक की ज़िम्मेदारी लेती है बल्कि आज एक Company समाज पर भी ध्यान देती है। 

किसी भी व्यक्ति के मान-सम्मान और भावनाओं को बिना ठेस पहुचाये बिज़नेस चलता रहे इस बात पर गौर किया जाता है। 

Evolution Of Marketing Concept को अगर ध्यान से देखा जाए तो सारे Phases Of Marketing मिलाकर Holistic Marketing का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। 

इससे मार्किट में और ग्राहकों के मन में गहरा Impression पड़ता है क्योंकि उनकी ज़रूरतों और तकलीफों को ध्यान में रखकर ही Products & Services आज बनाए जा रहे हैं। 

इस Philosophy से Industry और Customers के मन में एक Brand या फिर एक Company की अपनी जगह बन जाती है। 

लेकिन क्या सिर्फ Holistic Marketing को समझने से बात बन जाएगी? 

या फिर इसे अमल में लाकर, बदलाव लाने होंगे ?

इस बदलते दौर के साथ बदलना क्यों ज़रूरी है ?

आज हमने देखा कि Marketing में आया हुआ जो Evolution है, जो बदलाव हैं कुछ ही समय में नहीं बल्कि सालों से बदलते हुए Elements और Principles का एक Powerful Combination है। 

यह एक ऐसी Process है जो कभी एक जैसी नहीं रही और न ही रहेगी। 

बदलते वक़्त के साथ यह Strategies भी Evolve होती रहेंगी। 

अगर हम बदलते वक़्त से साथ नहीं बदल सके तो Market में टिकना बड़ा मुश्किल हो जायेगा। 

आज का ग्राहक एक पढ़ा लिखा, समझदार और जागरूक ग्राहक है। 

Marketing हर Business और Company के लिए मानो एक रीढ़ की हड्डी है जिसके बिना एक Business ज़्यादा आगे नहीं बढ़ सकता। 

मार्केट में आये दिन नए नए Channels और Platforms आते रहते हैं। 

यह ज़रूरी है कि हम नए Trends को ध्यान दें और इन्हीं Current Trends को अपने Marketing Strategy में अपनाएं। 

इस Digital और Online दुनिया में ज़रूरी है कि हम खुदको भी नयी चीज़ों के लिए तैयार रखें और सीखते रहे, तभी हम अपने आप को Updated रखकर Growth पर Focus कर पाएंगे। 

इस बदलते दौर के साथ बदलने के फायदों को जानते हैं : 

इस बदलते दौर के साथ बदलना क्यों ज़रूरी है
  • Digital Marketing का प्रभाव : डिजिटल मार्केटिंग आज के दौर का एक बहोत बड़ा शास्त्र और अस्त्र है। इससे आप अपने पुरे Business को Online ले जा सकते हैं और एक ECommerce Website के ज़रिए या किसी Online Selling Platform के माध्यम से अपने Products बेच सकते हैं। Digital Marketing के बदलाव के बिना मार्केटिंग में बदलाव की गति बहोत धीमी थी। इस बदलाव के बिना मार्केटिंग का Evolution अधूरा है। 

डिजिटल मार्केटिंग क्या है और क्यों ज़रूरी है जानने के लिए ये Blog पढ़ें। 

  • Digital Ecosystem Creation : Digital Ecosystem इस समय का सबसे बड़ा बदलाव है जो कि सिर्फ और सिर्फ डिजिटल मार्केटिंग की वजह से ही Popular हुआ है। 

Digital Ecosystem एक ऐसा Process है जिसके ज़रिए आप अपने Offline Business को Online ले जा सकते हैं। 

Digital Ecosystem को पूर्णतः समझने के लिए इस ब्लॉग को ज़रूर पढ़ें। 

  • Learning Curve : Marketing सीखकर आप अपने Business, Product, Target Audience और Customers को बेहतर तरीके से समझ पाते हैं और उन्ही के हिसाब से Changes करते हैं। 
  •  Platform & Channels : नए Platforms और मार्केटिंग Channels की मदद से हम अपने Products और Services को बढ़िया Exposure दिला सकते हैं। मार्केटिंग के लिए आप Tv और Newspaper में Ads के साथ सारे Social Media Platforms का आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं।

Social Media Marketing को समझने के लिए इस Blog को पढ़ें। 

Conclusion

मार्केटिंग सदियों से बदलता आ रहा है। 

जबसे Industrial Revolution की शुरुआत हुयी है तब से हर कुछ सालों में मार्केट में बदलाव आया है और इसी वजह से बेचने के तरीके भी बदलते रहते हैं। 

उसी तरह मार्केटिंग में भी बहुत बड़ा Evolution देखा है हमने। 

पहले मार्केटिंग में सिर्फ Product और Production पर ध्यान दिया जाता था।
यह था Product Phase. 

दूसरे Era में हमने Sales & Advertising Phase देखा जिसमें Focus सिर्फ Sales और Promotion पर हुआ करता था और न की ग्राहक पर।

तीसरे Phase में Focus Customer और Social Orientation पर था जिसमें Customer को Product Value और Satisfaction देना महत्वपूर्ण हो गया था।

चौथे Phase में Customer Relations आ गए जब ग्राहक से रिश्ता बनाये रखने का Time शुरू हो गया और Internet के ज़रिये उन तक पहोचना आसान हो गया।

और अंत में Holistic Marketing पर Focus किया जा रहा है जिसमें Focus Digital Ecosystem पर है। 

डिजिटल इकोसिस्टम के ज़रिए आप अपनी Digital Presence बनाकर खुदको एक Brand के रूप में स्थापित कर सकते हैं और अपना Influence Build कर सकते हैं। 

यहाँ से Online Journey शुरू करते हुए आप भी इन Marketing Phases और Strategies को पढ़कर, समझकर, Practical Implementation के ज़रिए अपने Business को सफलता पूर्वक आगे बढ़ा सकते हैं। 

Online Journey की शुरुआत होती है डिजिटल मार्केटिंग सीखने से। 

अगर आप डिजिटल मार्केटिंग सीखना चाहते हैं तो मैं बहुत जल्द एक Masterclass लेने वाला हूँ जहाँ मैं आपको अवगत कराऊंगा डिजिटल मार्केटिंग की कुछ ऐसी रणनीतियों से जिनके इस्तेमाल से आप अपना बिज़नेस 10 गुना तक बढ़ा सकते हैं। 

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