संदीप भंसाली - डिजिटल आज़ादी

Digital Ecosystem क्या होती है और क्यों आपको इसकी ज़रूरत है?

Digital Ecosystem क्या होती है और क्यों आपको इसकी ज़रूरत है?
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क्या आप भी ऐसा सिस्टम क्रिएट करना चाहते हैं जिसका इस्तेमाल आज के ज़माने के Entrepreneurs & Solopreneurs कर रहे हैं? अगर हाँ तो स्वागत है आपका Digital Azadi प्लैटफ़ार्म पर।   

क्योंकि आज हम आपको ऐसे ही एक सिस्टम के बारे में बताने वाले हैं जिसका उपयोग आज के Businessman & Entrepreneur कर रहें है और यह उनकी Exponential Growth का एक मुख्य कारण है। 

डिजिटल इकोसिस्टम क्या है और क्यों आपको इसकी ज़रूरत है?

हम यहाँ बात कर रहें हैं एक Digital Ecosystem Develop करने की। अब आप कहेंगे कि ये डिजिटल इकोसिस्टम क्या होता है। इसके बारे में तो हमने कभी सुना ही नहीं है।

तो जनाब घबराइए मत, क्योंकि हम आपको Digital Ecosystem से पूर्ण रूप से अवगत कराने वाले हैं। साथ ही हम इसके Components & Importance के बारे में भी आपको बताएँगे।

तो बने रहिए हमारे साथ इस आर्टिक्ल में। हम Guarantee देते हैं कि आप आज कुछ ज़रूर नया सीख कर जाएंगे।

Table of Contents

Digital Ecosystem क्या है?

Digital Ecosystem को कई परिभाषाओं के माध्यम से समझा जा सकता है। 

  1. पहली परिभाषा – Digital Ecosystem उन सारे Processes & Components का Combination होता है जो एक बिज़नस को ऑफलाइन से ऑनलाइन शिफ्ट करने के लिए ज़रूरी होते हैं।

  2. दूसरी परिभाषा – एक बिज़नस को Digital रूप देने के लिए तथा प्रोडक्टस & सर्विसेस को लाखों लोगों तक पहुँचाने के लिए जिन Process की ज़रूरत होती है, उन्ही Processes का कलेक्शन Digital Ecosystem कहलाता है।

  3. तीसरी परिभाषा – Digital Ecosystem के अंतर्गत वह strategies शामिल होती हैं जो एक लोकल दुकानदार को उसका बिज़नस ऑनलाइन ले जाने तथा उसे एक सफल ब्रांड बनाने में मदद करती हैं।

एक डिजिटल इकोसिस्टम में दो तरह के Processes होते हैं – Organic & Inorganic.

Organic Process से तात्पर्य होता है कि आप बिना अपना पैसा इन्वेस्ट किए (जैसे कि Ad Run करने पर, प्रमोशन पर, इत्यादि) Leads Generate करते हो। वहीं दूसरी तरफ, Inorganic Process से तात्पर्य होता है कि आपको Lead Generate करने के लिए थोड़ा पैसा इन्वेस्ट करना पड़ता है जहां पर आप Ad Run करते हो, प्रमोशन करते हो, Collaboration करते हो, इत्यादि।

इन दोनों ही तरीकों का इस्तेमाल हम Lead Generation, Brand Building, And Lead Conversion में करते हैं। ये सारे ही Process या सिस्टम एक Funnel के रूप में काम करते हैं जिसमे पहला स्टेप होता है Content Deliver करना और आखिरी स्टेप होता है Leads के माध्यम से प्रॉफ़िट कमाना और अपनी Leads को लगातार Nurture (Value Provide) करते रहना।

हम समझते हैं कि इन तीनों परिभाषाओं के माध्यम से आपको डिजिटल इकोसिस्टम को समझने में आसानी हुई होगी और आपको उन Processes के बारे में पता लगा होगा जो एक डिजिटल इकोसिस्टम को बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

आइये अब Digital Ecosystem Components & Processes के बारे में थोड़ा डीटेल में जानते हैं।

Components Of Digital Ecosystem

Digital Ecosystem Blueprint

Digital Ecosystem के Components जानने से पहले हम यह जान लेते हैं कि हमे आखिर इसकी ज़रूरत ही क्यों है और हमारा Ultimate Goal क्या है डिजिटल इकोसिस्टम बनाने का। 

एक Digital Ecosystem Create करने का हमारा Ultimate गोल है अपने आपको एक ब्रांड के रूप में स्थापित करना। 

परंतु क्या आप जानते हैं कि ब्रांड बनाने के अलावा भी हमारा एक Ultimate Goal है जो हर किसी इंसान कि ख़्वाहिश होती है और वो है पैसा कमाना।

अब आप सोच रहे होंगे कि डिजिटल इकोसिस्टम कि मदद से पैसा कैसे बनाया जाए? हम आपको बता दें कि किसी भी ऑनलाइन बिज़नस में अगर आप अच्छा करना चाहते है और एक अच्छी ख़ासी Income Stream Generate करना चाहते हैं तो आपको एक ऑनलाइन Platform कि ज़रूरत पड़ती है जिसे Website कहा जाता है।

अगर आपको नहीं पता कि Website क्या है तो आप हमारा यह Article पढ़ सकते हैं।

Website एक ऐसा Platform है जो डिजिटल इकोसिस्टम में बहुत मायने रखता है। बिना Website के आप अपने Prospects को अपने प्रोडक्ट और सर्विस के बारे में बता पाने में सक्षम नहीं होते। 

अगर हम Digital Ecosystem Components कि बात करते हैं तो हम देखते है कि यह दो भागो में बंटा हुआ है। पहला है Organic Part और दूसरा है Inorganic Part.

इन दोनों ही तरीको से हम Lead Generate कर सकते हैं तथा एक बेहतरीन Landing Page Design करके उन Leads को अपनी Website पर ला सकते हैं और उन्हे अपने प्रोडक्ट्स & सर्विस बेच सकते हैं।

चलिये अब दोनों Processes (Organic & Inorganic) को Step-By-Step समझते हैं और देखते हैं कि वह कौन सी Techniques हैं जिनके द्वारा इन दोनों तरीकों से Lead Generate की जा सकती हैं।

Organic (Free) Process

Organic Process से तात्पर्य होता है Free Process जहां आपको Lead Generate करने के लिए या अपनी Website पर ट्रेफिक लाने के लिए कोई Ad Run नहीं करना पड़ता और कोई पैसा खर्च नहीं करना पड़ता।

Organic (Free) Process

इस Process के तहत आपको अपनी Website को Google Algorithm के हिसाब से Optimize करना पड़ता है जिससे आपकी Website Google के फ़र्स्ट पेज पर रैंक हो सके और आपकी Website पर लोग आएँ और आपका Revenue हो। 

इसके साथ ही आपको कुछ अन्य Social Media Platforms जैसे कि Facebook, Instagram, Twitter, YouTube, इत्यादि पर Quality Content Post करके अपनी Reach बनानी पड़ती है जिसके माध्यम से लोग आप तक या आपकी Website तक पहुंच सकें।

Organic Process में तीन Techniques शामिल है – SEO, SMO, And CM.

आइये चलिये इन तीनों Organic Techniques को एक एक करके समझते हैं।

SEO (Search Engine Optimization):

SEO का मतलब है अपनी Website को Google Algorithm के हिसाब से Optimize करना जिससे आपकी Website Google के फ़र्स्ट पेज पर पहुँच जाए और आपको Particular Keywords पर ज्यादा ट्रेफिक मिले।

नहीं समझे? चलिए हम आपको अच्छे से समझाते हैं।

जब भी आप अपनी Website डिज़ाइन करते है तथा उस पर Content डालते हैं तो आपको सर्च इंजिन यानि कि Google के कुछ Algorithms (New Data & Rules) का ध्यान रखना पड़ता है। 

SEO (Search Engine Optimization)

जब आप कोई Content अपनी Website पर डालते हैं तो आपको कुछ Keywords का ध्यान रखना पड़ता है। 

अब आप सोच रहे होंगे कि ये Keywords क्या होते  हैं? चलिये हम इसके बारे में भी थोड़ा जान लेते हैं।

जब भी आप Google पर कुछ सर्च करते हैं, उदाहरण के लिए मान लीजिये आपने सर्च किया “Best Interior Designer In Delhi” तो जो आपने ये शब्द इस्तेमाल किए हैं अपने सर्च में या यूँ कहे जो आपने अपनी Query पूछी है Google से, उसे ही Keyword कहा जाता है। अब ये Keywords दो तरह के हो सकते हैं – Long Tail ओर Short Tail.

4 या उससे ज्यादा शब्दों की Query को Long Tail Keywords कहा जाता है और यदि आपकी Query केवल  2-4 शब्दों में ही सिमटी है तो उसे Short Tail Keyword कहा जाता है।

अब हम मान के चलते हैं कि आपको Keywords के बारे में थोड़ा आइडिया हो गया होगा।

हाँ तो हम कह रहे थे कि जब भी हम अपनी Website पर कुछ Content डालते हैं तो हमे कुछ Keywords का ध्यान रखना पड़ता हैं और हमे उनका इस्तेमाल अपनी Website के विभिन्न पेजों पर करना होता है। इससे होता ये है कि जब भी कोई इंसान अपनी कोई Query को Google पर सर्च करता है तो Google अपनी Algorithm के हिसाब से आपकी Website को पहले पेज पर ला देता है जिससे आपकी Website पर ज्यादा Visitors या Leads आते हैं और Ultimately उन्हे आप अपने प्रोडक्टस & सर्विसेस बेच सकते हैं। 

ये पूरा Process जिसमे Website को Optimize करने से लेकर उसे Rank कराना पड़ता है SEO (Search Engine Optimization) कहलाता है। 

SEO को चार भागों में बांटा गया है – On Page, Off Page, Technical, And Local SEO 

चलिये इन चारों के बारे में थोड़ा सा जान लेते हैं।

  1. On-Page SEO: इस Technique के तहत हम Web Pages को Optimize करते हैं जिससे हमारी Website Google पर रैंक हो सके और हमें ज्यादा ट्रैफिक मिल सके। इसके तहत हमे Content और Html Code दोनों को ही Optimize करना पड़ता है।

     

  2. Off-Page SEO: इस Technique के तहत हम Website को छोड़कर बाकी उन सभी External Factors पर ध्यान देते हैं जो एक Website की रैंकिंग को Improve करने में मदद करते हैं। इसमे शामिल है – Backlinks बनाना, Guest Post सबमिट करना, Directory Submit करना इत्यादि।

     

  3. Technical SEO: इस टर्म से तात्पर्य है वो सभी स्टेप्स जो एक Website और उसके सर्वर को Optimize करने के लिए ज़रूरी होते हैं जिससे कि आपकी Website आसानी से Index हो सके और Google Crawlers इसे Crawl कर सके।

     

  4. Local SEO: लोकल SEO से तात्पर्य है अपनी Website को लोकल बिज़नस (Local शॉप, होटल, रैस्टौरेंट, आदि) के लिए Optimize करना। इसका उद्देशय होता है अपने Local Audience कि Queries को हल करना और उन्हे अपनी Website के माध्यम से बेहतरीन सुविधाएं प्रदान करना।

अगर आप SEO के बारे में ज्यादा जानने चाहते हैं तो यहाँ क्लिक कीजिये।

SMO (Social Media Optimization):

इस Technique से तात्पर्य है विभिन्न सोश्ल मीडिया (Facebook, Instagram, Twitter, LinkedIn, YouTube) का Optimization.

SMO (Social Media Optimization)

इन Platforms का Optimization करने के लिए आपको इन्हे अच्छे से इस्तेमाल करना होगा, रेगुलर Quality Posts डालनी होगी, Valuable Content डालना होगा, तथा Knowledgeable Videos डालनी होगी। 

यह सब करने से आपकी पहुँच आपके टार्गेट कस्टमर तक बढ़ेगी और आप उन्हे अपनी Website पर Land करा पाएंगे।

आप जितनी ज्यादा वैल्यू अपने Content के माध्यम से लोगों को दे पाएंगे उतनी ही ज्यादा आपको Follow करने वालों की संख्या बढ़ेगी, आपकी Reach बढ़ेगी और आप एक ब्रांड के रूप में अपने आप को स्थापित कर पाएंगे।

CM (Content Marketing):

कंटेंट मार्केटिंग से तात्पर्य है सर्च इंजन (Google और यूट्यूब) का बेहतरीन तरीके से इस्तेमाल करके अपने आप को मार्केट करना और अपनी टार्गेट ओडियन्स तक पहुँचना और फिर उन्हे अपनी Website तक लेकर जाना।

इसके लिए आप तीन तरीकों का इस्तेमाल कर सकते हो – YouTube Videos, Blogging, & Newsletter.

CM (Content Marketing)

YouTube Videos का क्रेज़ इंडिया में तो पिछले 5-6 सालों में काफी बढ़ गया है, जब से इंटरनेट सस्ता हुआ है, लाखों लोगों ने अपने YouTube Channels बना लिएँ हैं और अपने प्रोडक्टस को, सर्विसेस को, और अपने टैलंट को भी प्रोमोट करना शुरू कर दिया है।

उदाहारण के लिए, अगर आपका एक साड़ी का बिज़नस है और आप एक YouTube Channel खोलते हैं जहां आप साड़ियों से रीलेटेड Knowledgeable Videos डालते है और आपकी विडियो लोगों को पसंद आती है।

अब मान लीजिये कि आपकी कोई एक विडियो काफी लोगों को पसंद आयी और खूब सारे Shares & Likes भी आपको उस विडियो पर मिले। अब क्या होगा कि वे महिलाएं जिन्हें आपकी विडियो पसंद आयी थी वे आपकी दुकान के बारे में जानना चाहेंगी, आपकी Website के बारे में जानना चाहेंगी और आपको फॉलो करना चाहेंगी।

तो इसी तरीके से आपके कस्टमर बनने लगते हैं और आपका Online & Offline काम अच्छा चलने लगता है।

YouTube पर आप छोटी विडियो भी बना सकते हैं जहां पर आप अपने किसी नए प्रोडक्ट के लॉन्च के बारे में बता सकते हैं या कोई डिस्काउंट के बारे में लोगों को जानकारी दे सकते हैं। अगर आप YouTube पर रेगुलर कुछ Videos Upload करते हैं तो यकीन मानिए यह आपके लिए बेस्ट डिसिजन साबित हो सकता है और आपको एक ब्रांड के रूप में पहचान दे सकता है।

Blogging की बात करें तो आप अपनी एक Blogging Website बनाकर उसपर अपने बिज़नस से सबंधित Articles Post कर सकते हैं और अपनी Business Website का लिंक लगा सकते हैं। यहाँ से भी आपको ट्रेफिक मिलने की संभावना रहती है।

वहीं अगर Newsletter की बात करें तो आप Visitors & Prospects का ईमेल इत्यादि लेकर उन्हे अपना Daily Newsletter Subscribe करवा सकते हैं। लेकिन इसमे ध्यान रखने वाली बात ये है कि आपको हर रोज़ कुछ न कुछ Valuable Content अपनी Audience को भेजना होगा या आप फिर ये कर सकते हैं कि आप हफ्ते में कुछ दिन सोच लीजिये और उन दिनों पर अपने Audience को Newsletter भेजिये। 

इससे आपकी Engagement बढ़ती है और आपके Leads या Prospects या Visitors आपके Customer में तब्दील हो जाते हैं। 

Inorganic (Paid) Process

Inorganic Process से तात्पर्य होता है Paid Process जहां आपको अपनी सर्विसेस को प्रोमोट करने के लिए Ad Run करने पड़ते हैं और पैसा इन्वेस्ट करना पड़ता है। इससे आपको फायदा यह होता है कि आपके पास Quality Lead Generation होता है जिन्हे आप अपने लैंडिंग पेज पर ले जा सकते हैं और एक बेहतरीन Call-To-Action के माध्यम से कन्वर्ट कर सकते हैं। 

इस Process के तहत अगर आपकी Website Google के फ़र्स्ट पेज पर रैंक नहीं भी है तब भी आपकी Website पर ट्रेफिक आता है और आपकी लीड जनरेट होती है।  

Inorganic Process के तहत आपको Traffic लाने के लिए Google Ads, YouTube Ads, Facebook Ads, आदि Run करने पड़ते हैं।

Inorganic Process में दो Techniques शामिल हैं – SEM & SMM.

आइये चलिये इन दोनों Inorganic Techniques पर थोड़ा प्रकाश डालें।

SEM (Search Engine Marketing):

SEM एक ऐसी डिजिटल मार्केटिंग की रणनीति होती है जिसके माध्यम से Paid Ad की मदद से सर्च इंजिन पर एक Website की Visibility बढ़ाई जाती है। इस स्ट्रेटजी के तहत बिज़नस को प्रोमोट करने के लिए Search Engines (Google & YouTube) पर Ad चलाये जाते हैं। 

क्योंकि यह एक Paid Marketing Strategy है तो इसलिए आपको Ad Run करने के लिए कुछ पैसा भी इन्वेस्ट करना पड़ता है। 

SEM (Search Engine Marketing)

SEM के तहत, एक ब्रांड कुछ Particular Keywords को टारगेट करके Ad Run करता है और जब भी कोई इंसान अपनी Query Google पर सर्च करता है तो उस ब्रांड का Ad सबसे पहले दिखाई देता है। इससे ब्रांड की Website Visibility बढ़ जाती है। 

इसलिए जब भी आप कभी Google पर या YouTube पर कोई Ad देखें तो समझ जाइए कि ब्रांड ने SEM (Search Engine Marketing) का इस्तेमाल किया है अपनी Website Visibility बढ़ाने के लिए।

SEM Search Engine Marketing को पूर्णतः समझने के लिए यहाँ Click करें। 

SEO और SEM के अंतर को समझने के लिए यहाँ Click करें। 

SMM (Social Media Marketing):

SMM भी एक डिजिटल मार्केटिंग रणनीति होती है जिसके तहत आप विभिन्न Social Media Platforms का इस्तेमाल करके किसी कंपनी की ब्रांडिंग करते हो, उनके प्रोडक्टस और सर्विसेस को प्रमोट करते हो। 

SMM (Social Media Marketing)

इसके साथ ही SMM Strategy (Social Media Marketing) में आप सोश्ल मीडिया (Facebook, Instagram, Twitter, LinkedIn) पर Ad Run करते हैं और इन Platforms पर उपस्थित अपनी ऑडियंस को टारगेट करते हैं और अपनी Website पर लेकर जाते हैं और अपने प्रोडक्टस और सर्विसेस को बेचते हैं।

Ad – Ideal Traffic – Website – Sell

तो हमने यहाँ तक देखा कि कैसे हम विभिन्न Organic & Inorganic Strategies का इस्तेमाल करके अपनी टार्गेट ओडियन्स तक पहुँचते हैं, उन्हें Quality कंटेंट देते हैं, और Ultimately कैसे Income Generate करते हैं।

अब चलिए हम आपसे एक सवाल करते हैं। आप ये बताइये कि क्या आपको लगता है जो Audience & Customers आपने कन्वर्ट किए हैं या यू कहें जिन्हें आपने अपनी सर्विसेस या प्रोडक्टस बेची है वो लंबे समय तक आपके साथ रहेंगे?

तो जनाब इसका जवाब है – नहीं। 

जानते हैं क्यों? क्योंकि आपने उन्हे एक बार अपना प्रॉडक्ट बेच दिया और अब आप खुश होकर शांति से बैठ गए और आपने उनके साथ अपना Interaction कम कर दिया, उन्हे अपडेट देना बंद कर दिया। तो इस हाल में आप कैसे सोच सकते हैं कि वो आपके साथ लंबे समय तक बने रहेंगे।

तो जनाब यहाँ आता है Lead Management System का Concept. इससे तात्पर्य है अपने Leads को लगातार वैल्यू देते रहना और उनके साथ Interact करते रहना।

आइये इस Concept को थोड़ा डीटेल में समझते हैं। 

Lead Management System

आज के समय में जब अनेक लोग अपने नए प्रोडक्टस & सर्विसेस लॉंच कर रहें हैं। ऐसे में आपको अपनी Leads को Manage करना आना चाहिए, नहीं तो वे आपके Competitor की सर्विसेस से प्रभावित होकर उनके कस्टमर बन सकते हैं और आपको Lead Loss हो सकता है। 

इसलिए इसके लिए ज़रूरी है अपने Leads को Manage करना, उन्हे Valuable Content प्रदान करते रहना, और उनसे लगातार Interact करते रहना। अब वो चाहे Email Marketing के माध्यम से हो या फिर सोश्ल मीडिया के माध्यम से, आपको अपने कस्टमर को खोना नहीं है।

Lead Management System में जो सबसे ज़रूरी चीज़ होती है उसे कहते है Lead Nurturing. आइये समझते हैं Lead Nurturing क्या होता है और हमें कैसे फायदा देता है।

Lead Nurturing का मतलब होता है अपनी Leads Or Visitors Or Prospects को अपने बिज़नस से लगातार अवगत कराते रहना और उन्हे अपने बिज़नस के बारे में लगातार याद दिलाते रहना। 

इसके लिए सबसे बेहतरीन माध्यम है Email Marketing. इसकी मदद से आप लगातार अपने Leads को अपडेट करते रहते हो, नए प्रोडक्टस लॉन्च की जानकारी दे सकते हो, नए ऑफर के बारे में बता सकते हो, इत्यादि।

Email Marketing के अलावा आप सोशल मीडिया Platform जैसे की Facebook, Instagram, YouTube, आदि की मदद ले सकते हो और अपने Leads को लगातार Valuable Content दे सकते हो।

Lead Nurturing के तहत आप बिज़नस अपडेट और Retarget दोनों को समय समय पर करते हो और अपने Leads को अपने से जोड़े रखते हो।

Retargeting & Remarketing RanaNeeti

जब भी आप अपनी Lead को कन्वर्ट करते हैं तो आप चाहते हैं कि वह दोबारा आपसे ही सर्विस ले। इसके लिए आपको यह ध्यान में रखना होता है कि सिर्फ एक बार वैल्यू देने से काम नहीं चलने वाला। अगर Customer को बनाकर रखना है तो आपको हमेशा ही वैल्यू देनी होगी। इसे ही CLV (Customer Lifetime Value) कहा जाता है। 

अब ये चाहें आप कुछ एक्सट्रा डिस्काउंट देकर करें या फ्री E-Book देकर करें, आपको हमेशा ही अपने Customer का ध्यान रखना पड़ेगा और Quality Services देनी होगी।

आपका Customer आपके हाथों से चला न जाए इसके लिए ही Retargeting & Remarketing Strategies का इस्तेमाल किया जाता है।

इन दोनों रणनीतियों के तहत आपके Customers को (जो पहले आपकी एक Lead हुआ करता था) विभिन्न मार्केटिंग रणनीति का इस्तेमाल करके बार बार टार्गेट किया जाता है, जिससे कि उसका आपके बिज़नस के प्रति विश्वास उत्पन्न हो जाए और वह कहीं दूसरी जगह जाने की बजाय आपकी ही सर्विसेस इस्तेमाल करता रहे। 

तो जनाब आज हमने समझा कि Digital Ecosystem Kya Hai, इसके क्या Components हैं, और किस तरह से एक बिज़नस के लिए एक Lead Management System का होना बेहद ज़रूरी है।

अब आइये थोड़ा समझते हैं कि हमें क्यों एक डिजिटल इकोसिस्टम की ज़रूरत पड़ती है।

हमें डिजिटल इकोसिस्टम की ज़रूरत क्यों होती है?

हमने अभी तक Digital Ecosystem के बारे में पढ़ा व इसके Components को डिटेल्स में समझा। आइये अब बात करते है आखिर क्यों एक बिज़नस की Growth के लिए डिजिटल इकोसिस्टम बहुत मायने रखता है।

  1. Business Upgrade:  

    जैसा कि आप जानते हैं कि इंटरनेट के आने से किस तरह से लोगों का जीवन जीना आसान हो गया है। जहां पहले अपने किसी मित्र या रिश्तेदार से बात करने के लिए चिट्ठियाँ लिखनी पड़ती थी, अब केवल कुछ ही सेकंड में आप मैसेज करके अपने प्रियजनों का हालचाल पुछ सकते है और उनसे बात कर सकते हैं।
    इसके साथ ही इंटरनेट ने एक डिजिटल युग भी ला दिया है। Computer जैसी स्मार्ट मशीन के आने से भी काम करना बहुत ही आसान हो गया है।


    अगर हम बात करें Traditional Business की जिसके तहत एक Manufacturer किसी प्रॉडक्ट को बनाता है, फिर एक ट्रेडर उस प्रोडक्ट को खरीदता है, फिर उस ट्रेडर से एक होलसेलर उस प्रोडक्ट को खरीदता है और फिर उस होलसेलर से वह प्रॉडक्ट किसी Retailer के पास जाता है और तब जाके कहीं आप और हम जैसे कस्टमर उस प्रॉडक्ट तक पहुँच पाते हैं।

    तो यहाँ आपने देखा कि कैसे एक प्रॉडक्ट Manufacturer से होता हुआ Customer के बीच पहुंचता है। इन लोगों के शामिल होने की वजह से ही कोई प्रोडक्ट जिसकी Manufacturing लागत Rs.1 रही होगी आपको Rs. 20-25 या इससे भी ज्यादा मे पड़ता है।

    यहाँ आप सोच रहे होंगे कि ये सब तो ठीक है पर इसमें डिजिटल इकोसिस्टम का क्या रोल है?

    तो जनाब मैं आपको बता दूँ कि आप Digital Components अर्थात Digital Marketing + Digital System का इस्तेमाल एक Manufacturer & Customer के बीच के Margin को कम कर सकते हो, अपने प्रोडक्ट की लागत कई गुना तक कम कर सकते हो, और अपना Rs.1 वाला प्रॉडक्ट काफी कम दाम में पा सकते हो। बस आपको ज़रूरत है तो Digital Marketing सीखने की और उसे सही से Implement करके Digital Ecosystem क्रिएट करने की।

    तो इसी को Business Upgrade कहा गया है, जहां Traditional Business को अब Digital Business में कन्वर्ट किया जा रहा है या यूँ कहें की डिजिटल इकोसिस्टम का इस्तेमाल करके उसे और बेहतर किया जा रहा है।

    अगर आप भी हिंदी में Digital Marketing सीखने के इच्छुक हैं तो यहाँ क्लिक कीजिये। (Digital Marketing इन Hindi)

  2. Business Evolution:

    बिज़नस ईवोलुशन से तात्पर्य है किस तेज़ी के साथ हमारे काम करने के तरीको में Improvements हो रही है जो हमें मुश्किल से मुश्किल काम भी आसानी से करने में मदद कर रही है।इसी तेज़ी के साथ अब Offline Business भी धीरे धीरे Online की तरफ शिफ्ट होने लगे हैं और अपना Revenue बढ़ाने में लगे हैं। इसे ही Business & Digital Evolution कहा गया है।

    अगर हम Evolution को सिर्फ एक वाक्य में देखें तो यह कहना गलत नहीं होगा की एक पुरानी Technology, System, Generation, इत्यादि से नयी Technology, System, Generation, इत्यादि में Update को ही Evolution कहा जाता है।

    लेकिन आपको यह बात समझनी होगी कि जब भी कभी नया अपडेट या Evolution होता है तो इसका मतलब यह कटाई नहीं होता कि पुरानी Technology या System को कबाड़ समझ लिया जाए। वो भी बराबर ही ज़रूरी होता है। बस फर्क सिर्फ इतना सा होता है कि पुरानी चीज़ को करने के तरीके बदल जाते हैं और उसको करने के कुछ Updated और बेहतरीन तरीक़े ईज़ाद कर लिए जाते हैं।

    उदाहरण के लिए Typewriter To Computers Evolution. Computers ने बेशक टाइपराइटर की ज़रूरत को बहोत कम कर दिया है किन्तु इसका मतलब यह कतई ये नहीं है कि हम टाइपराइटर को Discard करदे।  

  3. Business Convenience:

    यह टर्म Business Evolution से ही संबंधित है। जब भी Business Evolution होता है तो वह हमारे काम को और भी ज्यादा आसान या Convenient बनाता है।अब जब काम और आसानी से किया जाएगा तो जाहिर है कि Business Growth & Business Revenue दोनों में ही इजाफ़ा होगा।

    साथ ही डिजिटल इकोसिस्टम ने बिज़नस पर खर्च होने वाले पैसे को या फिर यू कहें कि इनवेस्टमेंट को काफी हद तक कम कर दिया है। और ये जो इनवेस्टमेंट आप अपने ऑनलाइन बिज़नस पर करते हो वो कहीं ज्यादा रिटर्न देता है ऑफलाइन बिज़नस पर होने वाले इनवेस्टमेंट से।

    इसलिए, बिज़नस को Convenient या आसान बनाने के लिए आपको Digital Ecosystem और इसके Components का सहारा लेना पड़ेगा और उन्हे अपने बिज़नस में अप्लाई करना होगा।

    हालांकि रिज़ल्ट आने में थोड़ा समय ज़रूर लग सकता है जो कई फ़ैक्टर्स पर निर्भर करता है। पर यकीन मानिए जब आप अपने डिजिटल इकोसिस्टम को अपने बिज़नस में Implement करते हैं, आपको आज नहीं तो कल, रिज़ल्ट ज़रूर देखने को मिलते हैं।


  4. To Fight With Global Pandemic:

    Pandemic से तात्पर्य है ऐसी घटनाएँ या कंडिशन्स जो एक इंसान को, उसके काम को (चाहे वो दुकान कर रहा हो, अपना बिज़नस कर रहा हो, या एक नौकरी कर रहा हो), और उसके सपनों को बड़ा नुकसान पहुंचाती है।

    हमने 2020 में इस सदी का सबसे भयावह Pandemic – Covid-19 देखा, जिसने हजारों और लाखों लोगों का काम धंधा चौपट कर दिया, कईयों की नौकरी छीन ली, और लाखों लोगों की जान भी ली। ऐसे में सिर्फ वही लोग बचे जिन्होने अपना कोई Online Business Start किया हुआ था।

    अब ऐसे में बात आती है कि अगर कोई Covid-19 जैसा Pandemic फिर से आता है, तो आपकी क्या तैयारी होगी उससे निपटने की? आप कैसे उसका सामना करेंगे और कैसे अपने धंधे को चौपट होने से बचाएंगे?

    तो इसका सिर्फ एक ही जवाब है – Online & Digital Business.

    Digital Ecosystem का इस्तेमाल करके आप अपने बिज़नस के लिए एक शील्ड तैयार कर लेते हैं जो आपको किसी भी तरह के Pandemic से लड़ने में मदद करती है और आपको अपने बिज़नस के लिए एक मजबूत Base बनाकर देती है।


  5. To Build Brand:

    Digital Ecosystem के Components आपको एक पहचान देने में मदद करते हैं। जैसा की हमने ऊपर Organic & Inorganic कॉम्पोनेंट्स को समझा, यह Components आपके प्रोडक्टस और सर्विसेस  को लोगों तक पहुंचाने में मदद करते हैं।

     

    अगर आपके प्रोडक्ट और सर्विस लोगों को पसंद आती है तो लोग आपके पास वापस आना पसंद करते हैं और साथ ही दूसरे लोगों को भी आपके बारे में Recommend करते हैं। 
हमें डिजिटल इकोसिस्टम की ज़रूरत क्यों होती है?

6. Enhance Your Reach:

Digital Ecosystem के Organic & Inorganic Components (जैसे की Social Media Marketing, Content Marketing, And Lead Management System) का सही इस्तेमाल आपके लिए एक बूस्टर की तरह काम करता है और आपकी Target Audience तक पहुँचने में मदद करता है।

आप Content Management System (WordPress, WIX) पर अपनी Website बनाकर अपनी सर्विसेस को लिस्ट कर सकते हो और अपने बिज़नस को एक गति प्रदान कर सकते हो।

हमने इस आर्टिक्ल में देखा कि Digital Ecosystem क्या है (What Is Digital Ecosystem), इसके Components क्या-क्या हैं (Components Of Digital Ecosystem), और क्यों यह आपके बिज़नस के लिए ज़रूरी है (Importance Of Digital Ecosystem).

Conclusion - निष्कर्ष

आज के समय में Digital Ecosystem का उपयोग हर एक Offline Businessman को करना चाहिए जिससे वह इसका इस्तेमाल अपने ऑफलाइन बिज़नस को Upscale करने या बढ़ाने के लिए कर सके और अपने आप को ऑनलाइन या डिजिटल दुनिया में ला सके। 

एक डिजिटल इकोसिस्टम को क्रिएट करने के लिए कुछ Components की ज़रूरत होती है जो आपकी Website की मार्केटिंग और आपकी ब्रांडिंग करने में मदद करते हैं। एक डिजिटल इकोसिस्टम क्रिएट करने का Ultimate Goal होता है CLV (Customer Lifetime Value) प्रोवाइड करना और प्रॉफ़िट कमाना।

Profit Earn करने के लिए आपको अपने प्रोडक्टस और सर्विसेस बेचनी पड़ती है और उसके लिए अपनी Website पर Convertible Traffic लाना पड़ता है जिसे आप Organic & Inorganic Processes से ला सकते हैं। 

धीरे धीरे भारत में भी अब इंटरनेट की पहुँच की वजह से ऑनलाइन बिज़नस करना काफी आसान हो गया है। बस आपको ज़रूरत है तो एक Ecosystem Create करने की जिसके तहत आप अपने बिज़नस के लिए एक Roadmap तैयार कर सकते हैं, विभिन्न Marketing Strategies तैयार कर सकते हैं और अपने आप को एक ब्रांड के रूप में स्थापित कर सकते हैं।

अगर आप यह सब एक Professional Digital Businessman से सीखना चाहते हैं तो यहाँ क्लिक कीजिये और डिजिटल Digital Marketing को हिन्दी भाषा में सीखने का मौका पाइये।

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